तेरी पुरानी तस्वीरों में, आज भी वो बात है,
धीमे-धीमे बजता कोई, दिल के अंदर साज़ है।
रेडियो की वो धुनें, बारिशों की रात है,
ओल्ड इज़ गोल्ड की महफ़िल, फिर से मेरे साथ है।
यादों की गलियों में, चल पड़े हैं हम,
बीते हुए लम्हों में, मिल गए हैं हम।
जो था कभी अपना, वो आज भी अनमोल,
पुराना प्यार ही लगता है, ओल्ड इज़ गोल्ड।
तेरे हाथों की चाय में, मीठा-मीठा प्यार था,
छत पे बैठ के चाँद देखना, अपना सा संसार था।
ना मोबाइल, ना दुनिया, बस तेरा मेरा साथ था,
छोटी-छोटी बातों में, कितना सारा जज़्बात था।
यादों की गलियों में, चल पड़े हैं हम,
बीते हुए लम्हों में, मिल गए हैं हम।
जो था कभी अपना, वो आज भी अनमोल,
पुराना प्यार ही लगता है, ओल्ड इज़ गोल्ड।
फिर वही गाना बजा, दिल ने तेरा नाम लिया,
हँसते-हँसते आँखों ने, चुपके से सलाम किया।
समय बदल गया मगर, दिल नहीं बदला कभी,
तेरे मेरे प्यार का मौसम, थमा नहीं अभी।
चलो फिर से वही शाम हो, वही पुराना मोड़,
तू मेरे साथ रहे, और दुनिया जाए छोड़।
यादें नहीं पुरानी, ये दिल का है उसूल,
सच्चा प्यार जो होता है, वो रहता है फूल।
यादों की गलियों में, चल पड़े हैं हम,
बीते हुए लम्हों में, मिल गए हैं हम।
जो था कभी अपना, वो आज भी अनमोल,
पुराना प्यार ही लगता है, ओल्ड इज़ गोल्ड। 🎶