[Intro]
धार में बहती शांति, रौशनी की सीढ़ी चढ़ती
मंदिर की घंटियाँ गुनगुनाती, दिल से दिल मिलती
[Verse 1]
एक महिला क्योंती रात में दीप जलाई, हाथ उठे प्रणाम को
आँखों में आसु नहीं, पर आस्था की चमक गुदगुदाती रोशनी सा
मंदिर की दीवारों पर इतिहास की परछाइयाँ नर्म से लिखी हैं
हर प्रार्थना में परंपरा की मीठी धुन, हर कदम में सम्मान पंजीकृत है
[Chorus]
शांति भरे हृदय का धागा है ये भक्ति का जज्बा
दीप की warmth में बंधे कदम, ये आस्था का नज़ारा
कहती है सदा वही, आओ शांत रहें, एक साथ
मंदिर की रोशनी से जुड़ें दिल, शांत वातावरण से जीवन धन्य
[Verse 2]
सुर्यास्त के बाद भी मानतें दीपों की लाज, पवित्र वादों की रीति
हर मंदिर-दीवार कहे, नम्रता और सम्मान है हमारी गति
संकल्पों की ख्वाहिशों को छोड़कर, नम्रता की पगडंडी पर बढ़ती है
प्रार्थना में खोये होंठ, पर अभिमान नहीं, केवल शांति की मीठी भाषा
[Pre-Chorus]
जब लय बदले तो भी हाथ जुड़े रहते, दर्द नहीं, धैर्य मिलता
समय की धुन पर, आत्मा का संतोष हर तरफ फैलता
[Chorus]
शांति भरे हृदय का धागा है ये भक्ति का जज्बा
दीप की warmth में बंधे कदम, ये आस्था का नज़ारा
कहती है सदा वही, आओ शांत रहें, एक साथ
मंदिर की रोशनी से जुड़ें दिल, शांत वातावरण से जीवन धन्य
[Bridge]
परंपरा की गंध, फूलों का रंग, घी की धुँआती खुशबू
स्मृतियों का सागर में जप-संवेदना, हर क्षण एक नया सुकून लाऊँ
[Chorus]
शांति भरे हृदय का धागा है ये भक्ति का जज्बा
दीप की warmth में बंधे कदम, ये आस्था का नज़ारा
कहती है सदा वही, आओ शांत रहें, एक साथ
मंदिर की रोशनी से जुड़ें दिल, शांत वातावरण से जीवन धन्य
[Outro]
अन्तर में बैठे एक दीपक की तरह, प्रार्थना चमकती रहे
शांति, सम्मान और भक्ति का संगीत, हमारी राह समृद्ध करे