[Intro]
यशोमती मैया के नंदलाला, कान्हा की बंसी बजे
ब्रज की गलियों में प्रेम की धुन चले
[Chorus]
यशोमती मैया की नंदलाला
जय हो कान्हा, जय गोपाला
[Verse]
माथे पे मोर मुकुट सजे, होठों पे बंसी मीठी बोले
दिल में प्रेम के दीप हर पल जलते रहें
[Verse]
यमुना किनारे रास रचाए, राधा संग भक्ति कराए
नाम तुम्हारा हर दिल में गुनगुनाए
[Outro]
यशोमती मैया की नंदलाला, जय हो कान्हा, जय गोपाला