आपकी दुश्मनी कबूल मुझे आपकी दोस्ती से डरता हूं
आप जैसे भी है सनम मेरे मैं तो बस आप ही पर मरता हूं
क्या कहूं बेरहम की बेदर्दी ऐसी उम्मीद आपसे ना थी अपने कर दिया मुझे रुसवा मेरी हसरत को जानता है खुदा कितना मजबूर हूं मैं इस दिल से मैं तो सिर्फ आप भरता हूं आपकी दुश्मनी कबूल मुझे आपकी दोस्ती से डरता हूं