जय बजरंगी सरकार
जय बजरंगी सरकार, मेरे संकट हर लो, राम नाम के प्यारे, जीवन में उजियार कर दो
जय हनुमान दयालु, चरणों में रख लो, टूटी हुई हर आस को, फिर से तुम संवार दो
जब-जब मन घबराए, कोई राह न पाए, तेरा नाम लेने से, अँधेरा दूर हो जाए
पवनपुत्र वीर तुम्हीं, सबके हो रखवाले, भटके हुए मुसाफिर को, मंज़िल तुम दिखा दो
जय बजरंगी सरकार, मेरे संकट हर लो, राम नाम के प्यारे, जीवन में उजियार कर दो
गूँजे तेरी महिमा, हर मंदिर हर द्वारे, तेरे जैसा दानी कोई, देखा नहीं जग सारे
सिंदूर सजा तन पर, हाथों में गदा भारी, तेरी कृपा से मेरे घर, खुशियों की बहार हो
सीता-राम के सेवक, सबसे न्यारे दाता, जो भी तेरे दर आया, खाली कभी न जाता
टूटे हुए दिलों को, फिर से हँसना सिखा दो, सूनी पड़ी इन राहों में, भक्ति का दीप जला दो
जय-जय हनुमान, जय-जय बजरंगी, तेरी कृपा से चमके किस्मत की हर रंगी
जय-जय हनुमान, जय-जय महाबली, तेरे नाम से मिटती हर मुश्किल और ग़म सभी
अंतिम मुखड़ा: जय बजरंगी सरकार, मेरे संकट हर लो, राम नाम के प्यारे, जीवन में उजियार कर दो
जय हनुमान दयालु, चरणों में रख लो, अंत भी टूटे नहीं, जय-जय जय
जय बजरंगी सरकार, मेरे संकट हर लो