कुचामन की गलियों में नाम है सुनील का,
स्टाइल है अलग, जलवा है मंज़िल का।
सीना तान के चलता, रखता अपनी शान,
दोस्ती में दिलदार, दुश्मन के लिए तूफ़ान।
ऊँची है सोच, हौसलों की उड़ान,
मेहनत से बनाई उसने अपनी पहचान।
झूठ से नहीं, सच से करता काम,
हर गली में गूँजे उसका न
कुचामन की गलियों में नाम है सुनील का,
स्टाइल है अलग, जलवा है मंज़िल का।
दिल में हिम्मत, आँखों में अरमान,
यही है अपने शहर की पहचान।
दोस्तों का साथी, अपनों की जान,
मुश्किल में भी रखे सबका मान।
जो भी करे, पूरे दिल से करे,
सपनों को अपने सच में भ
कुचामन की मिट्टी, कुचामन की शान,
मेहनत से बनती हर इंसान की पहचान।
नाम रहे रोशन, बढ़ता रहे मान,
यही है इस गीत का असली पैगाम।