[Intro]
जंगलों की गूँज, पहाड़ों की सांस
[Verse 1]
घने जंगलों के बीच, ऊँचे पहाड़ों की छाँव
राक्षस कालनेमि बोला—अब सब काँपेंगे, यहाँ हर दाँव
पर गाँव के दिलों में जगी है आस्था की रोशनी
भक्ति में डूबे लोग पुकारते—हनुमान, हमारी रक्षा करो
[Chorus]
जय बजरंग बली, हमारी रक्षा करो
पवनपुत्र के चरणों में भरोसा गहरा है
भक्ति से जीतेंगे अंधकार, साहस हमारा साथ देगा
[Verse 2]
गाँव ने मिलकर दीप जलाए, हर घर गूँजे जहाँ
सत्य और साहस से कालनेमि के अयाचित भय काटे जाएगा
हनुमान की आरती से अंबर भी नाच उठा
[Chorus]
जय बजरंग बली, हमारी रक्षा करो
पवनपुत्र के चरणों में भरोसा गहरा है
भक्ति से जीतेंगे अंधकार, साहस हमारा साथ देगा
[Outro]
जय श्री राम, भक्ति साथ रहे