[Intro]
बारिश की बूंदें पेंटिंग सी गिरें, एक पुराने स्क्रीन-शॉट की कहानी
[Verse 1]
मैं असली प्रिया थी, वो कबीर मेरा दोस्त, मेरा साया रहा
कॉलेज की गलीयों में चाय के कप मिलते, छोटी-छोटी खुशियाँ साथ चलीं
फेम के आकाश में ख्वाब उड़े, पर दिल ने कहा—तू मेरी रहना
हम न भीड़ से वीरान में खो जाएँ, फिर भी दोस्ती का धागा साथ रहा
[Pre-Chorus]
पर ViralX की चक्रवात में कुछ बिखर गया ख्वाब
तब मैं मुस्कान के पीछे छुपी एक आँसू ढूंढती रही
[Chorus]
पहले सबको तोड़ना है, ताकि फिर मैं खुद को बना सकूँ
तुम्हारी याद से धुंधले सितारों में भी रोशनी ढूंढ सकूँ
फिर से पहचानूँ मैं, अपनी आवाज़ से सच्ची जुड़ूँ
आज की मैं, वही पुरानी गलियों में अब भी ढूँढ़ूँ
[Verse 2]
कबीर कहता था, मैं तेरा हूँ, बस तू मेरी रहना
पर मुझे लगा- fame की चकाचौंध ने दिल से दूरी बढ़ा दी
हम पार्क की धूप-छाँव में चलते, gift-गिफ्ट से रिश्ते मीठे बनते
फिर अचानक यादें रंग खो देतीं, फैनफॉलोवर्स के बीच मैं अकेली
[Pre-Chorus]
फ्लैशबैक में साफ़ दिखता है एक सच- मुझे खुद के साये से डर लग रहा
मैं कौन हूँ, मैं क्या माँगूँ, और कब तक टूटती शाम पर हँसूँ
[Chorus]
पहले सबको तोड़ना है, ताकि फिर मैं खुद को बना सकूं
तुम्हारी याद से धुंधले सितारों में भी रोशनी ढूंढ सकूँ
फिर से पहचानूँ मैं, अपनी आवाज़ से सच्ची जुड़ूँ
आज की मैं, वही पुरानी गलियों में अब भी ढूँढ़ूँ
[Bridge]
बारिशें अभी भी रोकती नहीं, पर दिल की धड़कनें सुधरेंगी क्या?
मैं शांति से उठूँगी, अपने नाम की आवाज़ से सजूँगी रास्ते
[Chorus]
पहले सबको तोड़ना है, ताकि फिर मैं खुद को बना सकूँ
तुम्हारी याद से धुंधले सितारों में भी रोशनी ढूंढ सकूँ
फिर से पहचानूँ मैं, अपनी आवाज़ से सच्ची जुड़ूँ
आज की मैं, वही पुरानी गलियों में अब भी ढूँढ़ूँ
[Outro]
कहानी के पन्ने पलटते हैं, नई रोशनी की शुरूआत है ये कहीं
मैं चीज़ों को तोड़ती नहीं—मैं खुद को फिर से जोड़ती चली जाऊँगी