[Intro]
धूप के बीच उठती उम्मीद की रोशनी
[Verse 1]
एक गरीब किसान, पास कुछ नहीं, सिवाय मेहनत के
हर सुबह हल की जंग करता है, हर शाम जीत का दुआ करता है
कंधे पर बोझ भारी सही, पर हौसला बना रहता है
[Verse 2]
मेहनत की राह कठिन सही, पर रास्ता साफ दिखता है
कभी निराशा भी आए, पर दिल कड़ा रहता है
[Chorus]
मेहनत से फिर बनेंगे दिन नए
जो लगन से चले, उसका साथ देगा
गरीबी से ऊपर उठेगा उनका नाम