[Intro]
शांत शाम के साये, चाँदना-सी रौशनी साथ
दिल में होता है एक हल्का सा शंखनाद आज
[Verse 1]
भय जब दबे पंख जैसे, थकान छुपी धुन्ध में थी
प्रभु के नाम से मन की प्यास बुझी, अंबर की रौशनी तीखी नहीं
आँसू बन मुस्कान में बदलीं, प्रेम का धागा भीतर पिरोया
आत्मा ने सुना दिव्यता का ध्वनि, बड़ा सुकून पाया
[Chorus]
हे प्रभु, तेरी कृपा से है आत्मा शांत
तेरे नाम के प्रकाश में जीवन है आधार
निर्भय भय मुक्त हो चलें हम साथ-साथ
भक्ति के संचय से भर जाए प्रेम की भार
[Verse 2]
रात्रि की चादर में तारों का वास है साफ़
आँसू धरे-धरे चले, पर उम्मीद की रोशनी पास
हर पल तेरी उपस्थिति, हर सांस में तेरी कृपा
आशाओं के कुम्हलाते फूलों में बारिश है स्नेहा
[Pre-Chorus]
मन कहे: शांति तू जोने, तू है ठहराव का आसरा
तुझमें है विश्वास का हर एक मूरत, हर एक ख्वाब का सवेरा
[Chorus]
हे प्रभु, तेरी कृपा से है आत्मा शांत
तेरे नाम के प्रकाश में जीवन है आधार
निर्भय भय मुक्त हो चलें हम साथ-साथ
भक्ति के संचय से भर जाए प्रेम की भार
[Bridge]
दिव्यता का सुकून, गहराई से स्पर्श करे
आँसू के साथ उम्मीद, आँचल में समाये
हर पल कृपा की झलक, अंबर की लेहरों-जैसी
हम शांति पाते हैं, तेरे नाम से ही आगे बढ़ते जाएँ
[Chorus]
हे प्रभु, तेरी कृपा से है आत्मा शांत
तेरे नाम के प्रकाश में जीवन है आधार
निर्भय भय मुक्त हो चलें हम साथ-साथ
भक्ति के संचय से भर जाए प्रेम की भार
[Outro]
शांत शाम की गूँज में, मन बोले—अंतहीन शांति तेरा पार
दिल से दिल तक तेरी दया चली जाए, यही जीवन का सार