[Intro]
नीम के पेड़ तले बैठे हैं वे दोनों, धीमी साँसों के साथ यादों की माला
पत्तों की लोरी में उगती है धूंदली धूप, टंगी रोटी की खुशबू संग हलকা हल्का पसीना
[Verse 1]
सींख में रोटी गोल, लू कितनी भी तेज़ हो, दोस्ती की छांव है ये धरोहर
तेज़ धूप, पर हाथ हाथ में है, एक दूजे का खाना, एक दूजे के घर का दामन
[Chorus]
तू है मुझसे बड़ा नहीं, बस साथ है तेरे आसपास
शांति की बौछार है यहाँ, जब तुम हँसते हो मुझे भी भाता है
सीने से सीना भिड़े रहते, उम्र की धूप भी कट जाती है
जीवन की छोटी रोटी, मिलकर तो बड़े प्यार से कटती है
[Verse 2]
गेंदों-सी होती नहीं राहें, पर आंवले जैसे ठहरे संयम
बोझ जो भी हो, हम बाँट लेते, एक दूसरे के आँसू सुखाने के लिए
[Bridge]
पेड़ों के नीचे कटोरियाँ, मिट्टी की खुशबू सुनसान पत्ती
कहते हैं दोनों साथ-साथ, बिना बोले भी बात बन जाती है
[Chorus]
तू है मुझसे बड़ा नहीं, बस साथ है तेरे आसपास
शांति की बौछार है यहाँ, जब तुम हँसते हो मुझे भी भाता है
सीने से सीना भिड़े रहते, उम्र की धूप भी कट जाती है
जीवन की छोटी रोटी, मिलकर तो बड़े प्यार से कटती है
[Verse 3]
बूढ़ी आँखों में धुँधलाहट पर, तेरी मुस्कान साफ़ उजाला दे
तू और मैं, एक सजी हुई कहानी, जहां तेज़ तूफ़ान भी चुप हो जाए
[Outro]
पेड़ की छाया अब भी है, दो दिलों का सुरक्षित घर
सादगी की मीठी धुन में, दोस्ती का गीत गूँजता रहे forever