[Intro]
ध्वनि धीमी, पंछियों की गूंज, जंगल की सांस
काँधे पर तलवार नहीं, बस गर्व की चिंगारी साथ
[Verse 1]
warrior एक योद्धा, घोड़ा तेज़ कदमों से बढ़े,
पत्तों की आंधी गिरती, चक्रों में ध्वनि बनकर घुल जाएँ
वह देखे आगे के रास्ते, आँखों में परंपरा का प्रकाश,
न कि गर्मी में भी शीतल विचार, बुद्धि का पंख बढ़ाए
[Pre-Chorus]
पत्तों की बारिश में उसकी हर चाल सच्ची,
संरक्षक का नाम उसकी रग-रग में गूँजे हर घड़ी
[Chorus]
गर्वित दिल से उसके पग, जंगल का रास्ता चूमे,
घोड़ा और योद्धा, एक साथ बुनते रिश्ते पुरातन के
प्रकृति से उसका संबंध गहराता, आकाश भी सलाम करे,
ज्ञान और धैर्य की रोशनी से राहें दिखे बारीक और साफ
[Verse 2]
घासों की फुसफुसाहट पर उसकी समझ जागे,
संरक्षक की भूमिका हल्के कदमों में झलकती जाए
वह न डरता अंधेरों से, न छल से, न समय से,
क्योंकि परंपरा उसकी गहराई का गहना शोभित करे
[Pre-Chorus]
पत्तों की बारिश में उसकी हर चाल सच्ची,
संरक्षक का नाम उसकी रग-रग में गूँजे हर घड़ी
[Chorus]
गर्वित दिल से उसके पग, जंगल का रास्ता चूमे,
घोड़ा और योद्धा, एक साथ बुनते रिश्ते पुरातन के
प्रकृति से उसका संबंध गहराता, आकाश भी सलाम करे,
ज्ञान और धैर्य की रोशनी से राहें दिखे बारीक और साफ
[Bridge]
महक जंगल की, उसकी सोच की, दोनों एक ही धुन में,
वह पीछे नहीं हटता, आगे बढ़कर प्रकृति का कर देता सम्मान
[Chorus]
गर्वित दिल से उसके पग, जंगल का रास्ता चूमे,
घोड़ा और योद्धा, एक साथ बुनते रिश्ते पुरातन के
प्रकृति से उसका संबंध गहराता, आकाश भी सलाम करे,
ज्ञान और धैर्य की रोशनी से राहें दिखे बारीक और साफ
[Outro]
घोड़े की टहनी-चरणों में ध्वनि, पत्ते बूझे कहानीं,
योद्धा का चिह्न बनकर जंगल में गूंजे उसकी पहचान