[Intro]
सुबह की पहली रोशनी, गाँव की मीठी हवा
चलें खेतों के किनारे, बन जाए दिल का साया
[Verse 1]
गाँव की अदालत में सूरज ने कहा नमस्ते,
खेतों में डाला मेहनत का हर पसीना है बहता
पुष्पों की खुशबू, मिट्टी की गर्मी साँस में समाई,
गाय-भैंस की चहक, चाय की प्यास मिटाई।
[Pre-Chorus]
सन्नाटा भी है यहाँ, पर हर पंक्ति मुस्काती है,
हरे खेतों की लय में हर सुबह गुनगुनाती है।
[Chorus]
ये गाँव की सुबह, शुद्ध हवा में जी ले हमारे दिल,
हर फसल-हर धूप कहे, यहाँ आराम है मिलल-सिल।
खेतों की राहों में चलें, बुनते हैं सपने नए,
Villlage Life की कहानी, हर पल दिल से बातें करे।
[Verse 2]
मोर-परियों से नहीं, यहाँ पशु ही साथी,
कुँप-खड़िहा के गीत, ग्रामीण दिनचर्या यही भाई।
चाय की चुस्की, बातों में कहानियाँ पुरानी,
छोड़कर शहरी भागदौड़, यहाँ है सादगी की फुहार।
[Pre-Chorus]
सितारों से पहले सूरज ने दिया स्वागत किया,
हर सुबह नई उम्मीद, हर रात चैन लेकर आया।
[Chorus]
ये गाँव की सुबह, शुद्ध हवा में जी ले हमारे दिल,
हर फसल-हर धूप कहे, यहाँ आराम है मिलल-सिल।
खेतों की राहों में चलें, बुनते हैं सपने नए,
Villlage Life की कहानी, हर पल दिल से बातें करे।
[Bridge]
ओ डोंग-डोंग धूप, ओ रौनक की फुहारें,
क्यों लगती आपस में गाँव की हर एक शाम अभिनव यादें।
[Chorus]
ये गाँव की सुबह, शुद्ध हवा में जी ले हमारे दिल,
हर फसल-हर धूप कहे, यहाँ आराम है मिलल-सिल।
खेतों की राहों में चलें, बुनते हैं सपने नए,
Village Life की कहानी, हर पल दिल से बातें करे।
[Outro]
गंगा-सी ठंडी हवा, मिट्टी की मीठी धाप,
गाँव की सुबह यहाँ, हर दिन एक नई कहानी सुनाप।