[Intro]
हमारी कहानी एक प्लेट के किनारे
दिल्ली की गलियों से बाहर एक पल से कब seconds गिरे
[Verse 1]
एक दिन समोसा प्यारी चटनी के साथ बैठा हुआ
खुशियों की खुमारी में स्वाद की भाषा गुम हुआ
मुझे साथ चलो, मोमोस ने कहा, आवाज़ हल्की
चटनी ने छोड़ा हाथ, मोमोस की तरफ चली
[Chorus]
चटनी तुम क्या गईं, बेवफाई कर गईं कैसे
समोसा है यहाँ अकेला, नमक-सी रतjनी लिये
दिल ने कहा वाह! तुम्हारी राहें बदल गईं
मेरी प्लेट में अब गिनती बाकी है
[Verse 2]
मोमोस मुस्काए, सबने देखा खुशनुमाह पल
पर समोसा बोला, क्यों छोड़ो मेरी बहार? हर हाल
दिल की हताशा में भीड़-सी चुप-सुनसान
पर उसे याद है वो स्वाद जो साथ था पहले, आज कहाँ
[Pre-Chorus]
राहों की धूप है या चटनी की याद
कहाँ गई उसकी पवित्र मिठास की छांव
[Chorus]
चटनी तुम क्या गईं, बेवफाई कर गईं कैसे
समोसा है यहाँ अकेला, नमक-सी रतjनी लिये
दिल ने कहा वाह! तुम्हारी राहें बदल गईं
मेरी प्लेट में अब गिनती बाकी है
[Bridge]
तुम्हारे बिना क्या स्वाद है, बताओ चटनी
कौन करेगा इस प्लेट की कहानी पूरी
हमारी दोस्ती की सबक़तें याद रहीं
पर स्वाद का जादू अगले मोड़ पर जली
[Chorus]
चटनी तुम क्या गईं, बेवफाई कर गईं कैसे
समोसा है यहाँ अकेला, नमक-सी रतjनी लिये
दिल ने कहा वाह! तुम्हारी राहें बदल गईं
मेरी प्लेट में अब गिनती बाकी है
[Outro]
एक दिन फिर से मिलेगी चटनी-भरी कहानी
लेकिन आज समोसा नया सूरज देखे, अपनानी