तेरे बिना ये शाम भी अधूरी सी लगे,
चाँद भी आज कुछ दूरी सी लगे।
हवा भी तेरी खुशबू लेकर आए,
पर तू कहीं नज़र ही ना आए।
मैंने दिल को समझाया बहुत,
पर ये मानता ही नहीं।
तेरी यादों से रिश्ता तोड़ा,
पर ये टूटता ही नहीं।
Chorus
तू था तो हर दिन रोशन था,
अब हर पल अंधेरा सा है।
तू साथ था तो आसान था,
अब जीना भी सज़ा सा है।
तेरे बिना मैं अधूरा सा हूँ,
जैसे बिना बारिश का बादल।
तू मिल जाए तो फिर से जी लूँ,
वरना दिल रहेगा पागल।
रातों में तेरा नाम पुकारूँ,
आँखों से नींद चुरा ले तू।
ख्वाबों में आके फिर से,
मुझको अपना बना ले तू।
Bridge
शायद मेरी ही गलती थी,
जो तुझे समझ ना पाया।
दिल की बात छुपाकर मैंने,
खुद को ही दर्द दिलाया।
अब भी दरवाज़ा खुला है,
अगर लौट के आना चाहे।
ये दिल आज भी तेरा है,
अगर फिर से अपनाना चाहे।
Final Chorus
तू था तो हर दिन रोशन था,
अब हर पल अंधेरा सा है।
तेरे बिना ये दिल मेरा,
बस धड़कता है… पर ज़िंदा सा नहीं।
Outro
अगर कभी मेरी याद आए,
तो बस इतना याद रखना…
कोई था जो तुझसे बेइंतहा मोहब्बत करता था… 💔