[Intro]
सावन की रिमझिम, दिल में गूँजती धुन
बिल्ली-कुत्ता साथ, खुशी का जुनून
[Verse 1]
सावन की बरसे ठंडी फुहार,
बिल्ली-कुत्ता झूमे बार-बार।
खाने को देख के मन खुशहाल,
साथ में नाचे दोनों मस्त चाल।
[Chorus]
m्याऊँ म्याऊँ गाए मीठा गान,
भौं-भौं बोले खुश हर जान।
थाली में खुशियों की है बहार,
दिल में छाया प्यार अपार।
[Verse 2]
बारिश जैसे बरसे दुलार,
खाना मिला तो लगा त्योहार।
बिल्ली उछले, कुत्ता मुस्काए,
दोनों मिलकर जश्न मनाए।
[Chorus]
सावन जैसी प्यारी ये शाम,
साथ में खाते दोनों हरदम।
राधा-श्याम सा प्यारा ये मेल,
दोस्ती में नहीं कोई खेल।
[Bridge]
झूम-झूम कर गाएं ये गान,
खाना ही इनका सच्चा मान।
[Verse 3]
दुआ करें ये दिल से आज,
हर दिन मिले ऐसा ही स्वाद
[Outro]
हर दिन मिले ऐसा ही स्वाद