[Intro]
तनहापन धीरे-धीरे पिघलता है, रास्ते की धूल में स्मृति उभरती है
नज़रों में गाँव की गलियाँ, दिल में उन आवाज़ों की गूँज
[Verse 1]
यह आदमी चला है, बैग में सपने और हवा की खुशबू,
कदमों से लिखे कदम, पर दिल में गाऊँ-सी यादें तुम्हारी मौजूद
घर की चौखट पीछे छूटे, पर हर मोड़ से घर की कहानियाँ टकरातीं
कहाँ हैं तुम लोग? हर दफ्तर, हर आँगन, हर चौकसी में तुम्हारी हँसी
[Pre-Chorus]
नज़रों से लिपटी पगडंडियाँ, मेरे गाँव की याद दिल में रोशन रहती
तय कर चुका हूँ लौट आना, जब भी मौसम मेरे साथ हो
[Chorus]
मैं ले जाना चाहूँगा उन पलों को, हर मोड़ पर साथ रखना
दिल के भीतर एक गीत बनकर, लौट आऊँगा फिर वहीं आना-जाना
तुम्हारी आवाज़ें मेरा सहारा, तुम्हारी धुनें मेरी राह दिखातीं
मेरे शहर की यादें साथ लें, और एक दिन मुझे घर बुलातीं
[Verse 2]
समय की नदियाँ बहतीं जातीं, पर गाँव की बूंदें अभी भी पास
खेतों की खुशबू, पोखर के पानी का ठंडा सावन सा एहसास
रास्ता बदलेगा, पर दोस्ती की जड़ें नहीं हिलेंगी कभी
मेरे दिल के टुकड़े-टुकड़े, तुमसे मिलने को बेताब कहीं
[Pre-Chorus]
हर स्टेशन पर आवाज़ तुम्हारी, हर घंटी में तुम्हारी हँसी बनकर बजे
मैं ठहर जाऊँगा जब लौटूँगा, तुम्हारे पास लौट कर लौटे
[Chorus]
मैं ले जाना चाहूँगा उन पलों को, हर मोड़ पर साथ रखना
दिल के भीतर एक गीत बनकर, लौट आऊँगा फिर वहीं आना-जाना
तुम्हारी आवाज़ें मेरा सहारा, तुम्हारी धुनें मेरी राह दिखातीं
मेरे शहर की यादें साथ लें, और एक दिन मुझे घर बुलातीं
[Bridge]
रास्ता कहेगा, थक जाओ तो लौट आना
सीपियों-सी यादें कहें, हमारे गाँव को न भूलना
[Chorus]
मैं ले जाना चाहूँगा उन पलों को, हर मोड़ पर साथ रखना
दिल के भीतर एक गीत बनकर, लौट आऊँगा फिर वहीं आना-जाना
तुम्हारी आवाज़ें मेरा सहारा, तुम्हारी धुनें मेरी राह दिखातीं
मेरे शहर की यादें साथ लें, और एक दिन मुझे घर बुलातीं
[Outro]
जब लहरती धूप मिटेगी, मैं लौटकर फिर वही आवाज़ बनूँगा
अपने लोगों की यादों के साथ, वतन की धरती पर कदम रखूँगा