[Intro]
रोशनी गिरती है, रंग मुस्कान बनते
स्टेज की चुप्पी टूटे, हँसी हवा लाते
[Verse 1]
स्टेज पर कलाकार खड़ा, रंगों से कहानी सुनाता
गलती से बोला जोक, कमरा हँसी से झूम गया
[Verse 2]
हास्य के फव्वारे उठे, अचानक से टपकने लगे चुटकुले
हर चेहरा खिल गया, दर्शक लहरे लगे, तालियाँ अपने आप बजने लगी
[Chorus]
हास्य के फव्वारे फूटे, दिलों तक पहुँचे हर जगह
हँसी की लहर बन उड़े, सब एक साथ गूँजे रहे
यह पल कला के सच से बना एक दोस्त
[Verse 3]
आख़िर वही पल आया, जब रंग सच बने अभिवादन
कलाकार मुस्काया, हँसी ने दुनिया को पहचाना
[Chorus]
हास्य के फव्वारे फूटे, दिलों तक पहुँचे हर जगह
हँसी की लहर बन उड़े, सब एक साथ गूँजे रहे
[Outro]
stेज खाली, यादें मुस्कान की बरसात