[Verse 1]
जंगल की धूप-soft, टिम्मी छोटा सा राजा सपना बड़ा फहराता
चतुर चालाक कदम, हर समस्या पर मीठी मुस्कान लाता
शेरसिंह ने कहा, हार मानोगे नहीं, यहाँ कैसी आज़ादी?
पर टिम्मी बोला—हम भुजलक नहीं, बुद्धि से जीतेंगे सबकी राह साडी
[Pre-Chorus]
दिल से बहादुरी, दिमाग से चाल चलेंगे,
ताकत से नहीं, जुगलबंदी से रास्ता बनेंगे
[Chorus]
तुम्हारे सिंहासन के नीचे जागे होंगे सवाल,
बुद्धि की बिजली से जंगल बोलेगा हल
हम नहीं डरते, हम सीखते, हम साथ रहते,
टिम्मी की चाल में है जीत की चाल
[Verse 2]
राजा शेरसिंह ने ढूंढी तलवार-सी शक्ति, फिर भी उलझन में पड़ा
टिम्मी ने कहा, सुनो योजना, एक पहेली से सबका दिल पाया
पहेली में था रास्ता, बहादुरी और चतुराई का मेल
दानव नहीं, दया से जीती जाएगी ये खेल
[Pre-Chorus]
दिल से बहादुरी, दिमाग से चाल चलेंगे,
ताकत से नहीं, जुगलबंदी से रास्ता बनेंगे
[Chorus]
तुम्हारे सिंहासन के नीचे जागे होंगे सवाल,
बुद्धि की बिजली से जंगल बोलेगा हल
हम नहीं डरते, हम सीखते, हम साथ रहते,
टिम्मी की चाल में है जीत की चाल
[Bridge]
आवाज़ गूंजे जंगल में—हम मिलकर, हम सीखकर,
हार नहीं मानेंगे, जब सच पीछे आता है
[Chorus]
तुम्हारे सिंहासन के नीचे जागे होंगे सवाल,
बुद्धि की बिजली से जंगल बोलेगा हल
हम नहीं डरते, हम सीखते, हम साथ रहते,
टिम्मी की चाल में है जीत की चाल
[Outro]
तभी उजाला हुआ, जंगल ने माना बुद्धि का राज,
सब ने किया धन्यवाद, टिम्मी का दिल बड़ाياز