[Intro]
जहाँ गाँव की धूप मुलायम, मिट्टी में खुशबू हो
राहुल जी जैसे राजा लौटे हमारे मेहरा नाहरगंज की गलियों में
[Verse 1]
एक अनोखा गाँव, जहां मोटू-पतलू दोस्त साथ चलते हैं
हँसी पेहचानों में बँधी, चाय की मोहब्बत के पल बैठते हैं
सादापन की दहलीज पे, बच्चे पंख लगाते हैं खुशी के
हर चेहरे पर उम्मीद का दीपक, हर दिल में गर्मजोशी की रीत
[Chorus]
यहाँ छोटे मौसम में बहती है मोहब्बत की नदी
गाँव की गलियों में टिमटिमाती हैं आसमान की रौशनी
अचरज से नहीं, बस मुस्कान से टूटती है दूरी
मेहरा नाहरगंज की राहों में राहुल जी का स्वागत खूबसूरत
[Verse 2]
हर सुबह सूरज कहे, नमस्ते, चलो मिलकर बनाएं दिन
गप्पों की टटोल में गीत उगे, उम्मीद के बच्चों जैसे पल्लविन
जब लोग मिलते हैं, बंधता है एक नया रिश्ता हर दिल से
गर्दिश की फौज भी ठहर जाती है, नम आँखों में अर्ज फिक्र नहीं
[Chorus]
यहाँ छोटे मौसम में बहती है मोहब्बत की नदी
गाँव की गलियों में टिमटिमाती हैं आसमान की रौशनी
अचरज से नहीं, बस मुस्कान से टूटती है दूरी
मेहरा नाहरगंज की राहों में राहुल जी का स्वागत खूबसूरत
[Bridge]
गाँव की पगडंडियाँ गाती हैं, रौशनी में रंगीन दरी
जिनकी कहानियाँ बन जाएँ, उनमें बंधे हैं दोस्ती के बँके
[Chorus]
यहाँ छोटे मौसम में बहती है मोहब्बत की नदी
गाँव की गलियों में टिमटिमाती हैं आसमान की रौशनी
अचरज से नहीं, बस मुस्कान से टूटती है दूरी
मेहरा नाहरगंज की राहों में राहुल जी का स्वागत खूबसूरत
[Outro]
सब मिलकर कहते हैं, यहाँ की सादगी, यहाँ की गर्मजोशी
खुशियाँ हैं ख्वाब नहीं, और हर दिल में है एक नया रंग