[Intro]
नम आँखें, धानी धूप, खेतों की आवाज़
मिट्टी की खुशबू दिल में, गाँव का एहसास साफ़
[Verse 1]
खैरा के खेतों में सुनहरे किरणों की बौछार
खलिहान की ठंडी हवा, बताएं पुरानी बातें बार बार
गुलाबी धागों से बंधी पनघट की हंसी, साथ हमारे
गांव की गलियों में चलती है आपसी भाईचारे की नर्म बयार
[Pre-Chorus]
त्योहारों की रौशनी, चटक दुकानों की रोशनी
हर चेहरे पर मुस्कान, हर दिल में एक कहानी
[Chorus]
गाँव की मिठास, दिल की आवाज़
खेत-खलिहान में बसा है प्यार का राज़
छोटे-छोटे पल, रोज़मर्रा की रोशनी
खैरा की लालिमा, जिन्दगी की खुशी
[Verse 2]
रिश्तों की डोर में बंधे कदम एक ही राह
नाच-गाना, cuentos-सी स्मृतियाँ, त्योहारों का आग़ाज़
भाईचारे की गर्म चाय, बाग की खुशबू के संग
गाँव की सादगी में है सबसे बड़ी विजय का रंग
[Pre-Chorus]
मिट्टी की बातों में खुलती है दिल की किताबें
रंगीन शामें, बच्चों की हंसी, बड़ों की दुआएँ
[Chorus]
गाँव की मिठास, दिल की आवाज़
खेत-खलिहान में बसा है प्यार का राज़
छोटे-छोटे पल, रोज़मर्रा की रोशनी
खैरा की लालिमा, जिन्दगी की खुशी
[Bridge]
फसलें हरी-भरी, मौसम कहते हैं आओ गीत गाऊँ
गुलाल की रेखाओं में दोस्ती की पगडंडी बनाऊँ
[Chorus]
गाँव की मिठास, दिल की आवाज़
खेत-खलिहान में बसा है प्यार का राज़
छोटे-छोटे पल, रोज़मर्रा की रोशनी
खैरा की लालिमा, जिन्दगी की खुशी
[Outro]
आओ बैठें चूल्हे के glow में, कहानियाँ सुनें और हँसें
खैरा का सूरज डूबे, फिर भी दिलों में उजाला रहे