[Intro]
आधी रात, खामोश सफ़र, शहर जगा हुआ सा
[Verse 1]
नज़रें चाँद पर, सड़कें खाली, हवा बेफ़िक्र
नीयन में आसमान, दुआ जैसी हर सांस निकली
धुंध शीशे पर, वक्त भी मेहमान सा
ना मंज़िल, ना सवाल, बस यही रात और उसका कमाल
[Chorus]
आधी रात का शहर पुकारे, चल कहीं जहाँ सुकून उतरे
हर मोड़ पर नई कहानी, हर सांस रवानी बन जाए
आधी रात का शहर मुस्काए, तारों से दिल मिल जाए
आज का ये लम्हा थम जाए, सुबह कभी ना लौट आए
[Verse 2]
चहकते लम्हे अनकहे, राहों में ख्वाब चलती है
हर मोड़ पर दुआएं गुँजतीं, जिंदगी की रवानियाँ
नीचे हर गली में उम्मीद की रंगीन रोशनी
चुप्पी तोड़ती ज़िन्दगी, चल पड़ो साथ मेरे अभी
[Chorus]
आधी रात का शहर पुकारे, चल कहीं जहाँ सुकून उतरे
हर मोड़ पर नई कहानी, हर सांस रवानी बन जाए
आधी रात का शहर मुस्काए, तारों से दिल मिल जाए
आज का ये लम्हा थम जाए, सुबह कभी ना लौट आए
[Bridge]
तुम संग हों तो रास्ते भी गीत बन जाएं
ये रात, ये शहर, तुम्हारी मुस्कान से जवां
[Chorus]
आधी रात का शहर पुकारे, चल कहीं जहाँ सुकून उतरे
हर मोड़ पर नई कहानी, हर सांस रवानी बन जाए
आधी रात का शहर मुस्काए, तारों से दिल मिल जाए
आज का ये लम्हा थम जाए, सुबह कभी ना लौट आए
[Outro]
ये रात, ये शहर, यही मेरी दुनिया
पलटकर देखें तो सिर्फ़ तुम ही तुम हो