[Intro]
Sunlit fields, a gentle breeze, green waves sway with ease.
A playful monkey centers the scene, curiosity in his eyes, please.
[Verse 1]
चटक चश्मा साफ़, आँखें हल्की चमकतीं, में ढूँढ रहा चाचा, खेतों में हलचल है बहकतीं.
कॉन्टूर रूटीन सा हर कदम, घास की लहर में शरारत की रेखा,
मोर-सी नज़रें, हंसी की फुहारें, हर खेत एक नई सख़ीका।
[Chorus]
चाचा कहाँ है? मैं चाचा को खेतों में ढूँढ रहा हूँ,
घास के पत्तों से पूछ रहा हूँ, हवा भी जवाब दे दे प्यार से,
चिचियाती चहलकदमी, खेतों की रेखाओं में मस्ती का रंग,
क्यूट मूड, क्लियर हिंदी बोले ही बोले।
[Verse 2]
विपुल हरियाली, हल्के पवन-झोंके, फसलों की लय में कदम थमते नहीं,
ऊँची झाड़ियों के पीछे छुपे झलकते चेहरे, हँसी की पंक्तियां बनतीं नहीं,
अनुपमा चंचलता, मुस्कान भरी आँखें, हर आवाज़ पर उलझन की हंसी है बुनतीं।
[Pre-Chorus]
कभी बारीक मुस्कान, कभी चौड़ी हंसी की धुन,
कैमरा धीरे-धीरे फुल-फ्रेम में बनाये धूमधाम।
[Chorus]
चाचा कहाँ है? मैं चाचा को खेतों में ढूँढ रहा हूँ,
घास के पत्तों से पूछ रहा हूँ, हवा भी जवाब दे दे प्यार से,
चंचल वार्ता, खेतों की लय में मज़ाक की कहानी,
चाचा अभी भी नहीं दिखे, पर मज़ा है, दिल में फूल जैसे।
[Bridge]
धूप धानी, खेत-क्यारियाँ, पक्षियों की छोटी-सी चहचहाहट,
गोल-गप्प quieren नहीं, सिर्फ़ हंसी की बात है, हर तरफ़ यही बात है।
[Chorus]
चल रहे हैं हम, चाचा कहाँ है? मैं चाचा को खेतों में ढूँढ रहा हूँ,
घास की हर कतरे में एक तुक, हवा की हर ध्वनि में उसकी फुसफुसाहट,
नीचे से ऊपर तक, साफ़ हिंदी में, आवाज़ एकदम जायज़,
चाचा मिलेंगे शायद, हँसी के साथ मिलकर लौटेंगे।
[Outro]
धूप-छाँव मिलकर बनाते हैं कथा, खेतों में बंधी छोटी सी मिसाल,
Monkey-hero बनके, चाचा की खोज खत्म हो या न हो, मस्ती हर पल चाल।