[Intro]
[Verse 1]
धुंधले बादल, हरी भरी धरती,
पहाड़ों की ये शांत सी सूरत।
मन को भाए, सुकून दे जाए,
प्रकृति की ये अनमोल दावत।
[Chorus]
चलो चलें, खो जाएं कहीं,
इस हसीन वादियों के संग।
ज़िंदगी की दौड़ से दूर,
महसूस करें ये नया रंग।
[Verse 2]
छोटी सी नदी, खेतों की बहार,
हरियाली में लिपटा हर नज़ारा।
हवाओं में घुली ताज़गी,
खुशियों का फैला अंबार।
[Chorus]
चलो चलें, खो जाएं कहीं,
इस हसीन वादियों के संग।
ज़िंदगी की दौड़ से दूर,
महसूस करें ये नया रंग।
[Bridge]
शहर का शोर, सब भूल जाओ,
यहां बस सुकून ही सुकून है।
इस पल को जी लो, ये अपना है,
ये पल की अपनी धुन है।
[Chorus]
चलो चलें, खो जाएं कभीरी,
इस हसीन वादियों के संग।
ज़िंदगी की दौड़ से दूर,
महसूस करें ये नया रंग,
[Outro]