🎶 HOOK (Melody)
शाम की क्लास है, आँखों में नींद है,
फिर भी सपनों की आज हाज़िरी है।
दिन भर की थकान बैग में रख दी,
कल की उम्मीद आज की तैयारी है।
🎤 VERSE 1 (Rap – Soft Flow)
दिन भर काम, धूप और शोर,
शाम हुई तो पकड़ी ये दौड़।
कंधों पे बोझ, जेब में कम,
पर मन में है कुछ बड़ा करने का ज़ोर।
ब्लैकबोर्ड, चॉक और ये कुर्सी,
यहीं से बदलेगी मेरी तक़दीर सी।
टीचर की बात सीधे दिल में जाती,
हर लाइन जैसे रास्ता दिखाती।
मोबाइल साइलेंट, ध्यान बस किताब,
यहाँ बैठा हर बच्चा देखता है ख़्वाब।
कोई नौकरी, कोई नाम कमाए,
कोई माँ-बाप का मान बढ़ाए।
🎶 HOOK (Repeat)
शाम की क्लास है, आँखों में नींद है,
फिर भी सपनों की आज हाज़िरी है।
दिन भर की थकान बैग में रख दी,
कल की उम्मीद आज की तैयारी है।
🎤 VERSE 2 (Rap – थोड़ा Motivational)
कभी लगता है छोड़ दूँ सब,
पर बगल वाला बोले “चल, आज बस पढ़ ले अब।”
यहाँ दोस्ती भी खास होती है,
ख़ामोशी में भी आवाज़ होती है।
पंख नहीं हैं, फिर भी उड़ना है,
यही छोटी सी क्लास, बड़ा सपना है।
शाम की ये मेहनत रंग लाएगी,
एक दिन यही कुर्सी याद आएगी।
🎶 FINAL HOOK (Full Emotion)
शाम की क्लास है, थकान के बाद,
यहीं से लिखेंगे अपनी शुरुआत।
आज जो चुपचाप मेहनत कर रहे,
कल वही सबसे आगे नज़र आएँगे।