मोहबबत के मिशाल में बस एतने कहब
सजा केतना बा केहू बेगुनाह के खातिर
बस नजर नजर के फरक बा सुंदरता के ना
दिलरूबा जेकर भी होखे बेमिशाल होला
चाहें बाला के ना मिलेला चाहे बाला
हम हर दगाबाज के साथे सनम देखली ह
बस इंतजार ह दिल लगावे वाला के
दिल तोरे वाला त हजार बैठल बा
कि जरूरत बा मरते दम तक साथ देबे वाला के
कफन ओढे वाला त हजार बैठल बा
हम त उह सफर में भी अकेले चलली ह
जहाँ हमरा कौनों के जरूरत रहल
कतल भी भइल हमार अइसन टुकड़ा में
कि कबो खंजर बदलल त कबो कातिल बदल गइल
कुछ ज्यादा ही सौख रहल र हमरा के
सबके चिंता करे के