[Intro]
नीचे से ऊपर तक, मैं उन ठंडी रातों को चला दूँगा
किसी की नजरों को नहीं, सिर्फ अपने कदम गिनूँगा
[Verse 1]
एक छोटी सी घटना, पर असर भारी है
दूर से खड़ी भीड़ में मैं बिल्कुल साफ-साफ दिखाई देता हूँ
हैरान कर दूँ जो ऊँचा समझते हैं, मैं मुस्कान के साथ गुजरता हूँ
मेरी राह में वक्त रोकना, बेकार की बातें छोड़ दूँगा
[Pre-Chorus]
क्यों चाहिए दूसरों की सीटिंग अफ़सरशाही?
मैं अपनी ताजगी में खेलता हूँ, खुद पर भरोसा है भारी
[Chorus]
मैं वही हूँ जो चुप नहीं रहता, जब जरूरत पड़े बोलूँगा ठंडा
दूसरों की नज़रों से ऊपर, अपने रफ्तार के साथ चलता
विश्वास मेरा शील्ड है, बिना बहस के चलता
जो भी कहें, मैं वही हूँ, मेरे कदम साफ़, मेरे वज़ूद में आग
[Verse 2]
छोटे-से मोड़ पर भी बड़ी तस्वीर बुन लेता हूँ
झूठे शो-ऑफ से दूर, सच मेरा सादा और साफ़ रहता
जो मुझे नहीं समझे, मैं भी समझता हूँ अपनी धड़कन
स्टाइल में कटी हुई हकीकत, और मेरा नामकरण नहीं चाहिए
[Pre-Chorus]
क्यों चाहिए दूसरों की राय हर घड़ी?
मैं अपने स्टोर से खुद की उम्मीदें उठा लूँगा
[Chorus]
मैं वही हूँ जो चुप नहीं रहता, जब जरूरत पड़े बोलूँगा ठंडा
दूसरों की नज़रों से ऊपर, अपने रफ्तार के साथ चलता
विश्वास मेरा शील्ड है, बिना बहस के चलता
जो भी कहें, मैं वही हूँ, मेरे कदम साफ़, मेरे वज़ूद में आग
[Bridge]
नज़रों के पार जो बोलें, मैं सुनता नहीं, मैं चलता हूँ
अपने आप पर भरोसा, यही मेरा असली मंच है
[Chorus]
मैं वही हूँ जो चुप नहीं रहता, जब जरूरत पड़े बोलूँगा ठंडा
दूसरों की नज़रों से ऊपर, अपने रफ्तार के साथ चलता
विश्वास मेरा शील्ड है, बिना बहस के चलता
जो भी कहें, मैं वही हूँ, मेरे कदम साफ़, मेरे वज़ूद में आग
[Outro]
नीचे से ऊपर तक, मेरा आत्म-विश्वास गूँजता रहे
वह जो ऊपर समझते हैं, उन्हें मेरी हँसी दिखती रहे