[Intro]
शांत आकाश के नीचे, दिलों की उम्मीद सजी धुन。
सॉफ्ट टैबला की तान, बाँसुरी की हल्की फूहार。
पवित्र राह पर कदम, रमज़ान की रौशनियाँ साथ。
ध्वनि में echo, दिलों में गर्मी, भक्ति की रवानगी。
[Verse 1]
Male Lead: रमज़ान की पहली रोशनी कमरे में उतर आई है, घर-आँगन में शांति की बयार。
Child: सेहरी की पहली घड़ी आई, माँ कहें उठो, रोटी और दुआयें बनें。
Female Chorus: साथ चलो, हाथ थामें, रोशन दिलों की आवाज़ बढ़े。
[Dialogue 1]
पिता (Voiceover): सेहरी की पहली घंटी बजती है, दिल की धड़कन जाग उठती है。
बच्चा: माँ, मुझे रोज़ा की दुआ याद है, मुझे दुआ में साथ चाहिए。
माँ (Soft Voice): हाँ बेटा, दिल खोलकर दुआ करो, नेकियाँ मिलेंगी。
[Verse 2]
Male Lead: रमज़ान की शामें आते-आते, इफ्तार के मीठे सपने दिखाते हैं。
Child: खजूर की नरमी, पानी की ठंडी बूँदें मुस्कान बन जाएँ。
Female Chorus: ममता है, साथ है, हर घर एक जैसी दुआ है, उतनी ही उम्मीद से भरता है。
Male Lead: मानवता का संदेश, हाथ मिलाकर चलना है。
[Chorus 1]
Ramzan aaya tu zara khoji, roza rakho ji.
रोशनी फैलती है, हर दिल जुड़ जाता है。
Ramzan aaya tu zara khoji, roza rakho ji。
[Dialogue 2]
धुन (Voiceover): हर रोज़ नई कोशिश, याद रखो—इंसानियत सबसे बड़ी इबादत है。
परिवार का साथ, एक-दूसरे का सहरा, यही एकता है。
[Verse 3]
Male Lead: सेहरी-इफ्तार के बीच, खेत-खलियार की खुशबू, और माँ-बाप की दुआ。
Child: हम एक परिवार, दुनिया एक शहर, humanity की भाषा सही。
Female Chorus: एक साथ जिएं, मुस्कुराएं, हर दिल में ईमान की रोशनी रहे。
Male Lead: Ramzan ki rooh me milap, bhai-charā, और शांति की दुआ。
[Chorus 2]
Ramzan aaya tu zara khoji, roza rakho ji.
रोशनी फैलती है, हर दिल जुड़ जाता है。
Ramzan aaya tu zara khoji, roza rakho ji。
[Bridge]
सब मिलकर कहें: हम हैं एक परिवार, अंबर से नीचे एक धरती。
दुआओं में एकता, इंसानियत की सदा औकात बढ़ती जाए。
[Outro]
Male Lead: Ramadan ki is mehfil se niklo, bhavnaayein le kar दुनिया को chhoro aur barho。
Child: Milkar roshni baantenge, hum sab aage badhenge。
Female Chorus: अल्लाह के नाम पर एकता, एक प्यार, एक भविष्य बना रहे。