[Intro]
दिल की धड़कन में सवाल, सवालों का मौसम चालू
सच की साइड पर खड़ा हूँ, आवाज़ मेरी बेहूदा नहीं
[Verse 1]
जब बोलता हूँ साफ़ बात, टकराती गलतफहमियाँ बेहिसाब
लोग बनाते हैं अपनी बात मेरी बात से अलग हिसाब
नज़रों में खामोशी नहीं, हर शब्द पर है नज़र कानों में तूफान
पर मुझे बचाने का सिलसिला, मैं चलूँगा नहीं पीछे एक भी दफ़ा
[Pre-Chorus]
क्यों बनती है रायें बिना सुने कहानी पूरी
क्यों हर निष्कर्ष में छुपे हैं कुछ विवाद
[Chorus]
295 की धारा नहीं है रास्ता रोका हुआ अभी
इज़हारी आज़ादी है दिल की, मत बनो तुम जज-सा कानून
कथनी-करनी में फर्क समझो, औरों की बातों में मत खोओ
क्यों मीडिया की आग में बोले नहीं हर सवाल का जवाब
[Verse 2]
सितारे बनते हैं लोग नेता जब मंच पर आते हैं
महामंडली खेल जाते हैं, हर टिप्पणी पर अजीब आवाज़े लगते हैं
मैं बोलूँ जो सच, तो चर्चा बनती है शो-केस
पर मैं ठहरूँ नहीं, चलता रहूँ, क्योंकि सच से बेहतर नहीं कुछ खास
[Pre-Chorus]
क्यों बनती है रायें बिना सुने कहानी पूरी
क्यों हर निष्कर्ष में छुपे हैं कुछ विवाद
[Chorus]
295 की धारा नहीं है रास्ता रोका हुआ अभी
इज़हारी आज़ादी है दिल की, मत बनो तुम जज-सा कानून
कथनी-करनी में फर्क समझो, औरों की बातों में मत खोओ
क्यों मीडिया की आग में बोले नहीं हर सवाल का जवाब
[Bridge]
रंगीन तो हैं रास्ते, पर सच से न भागो तुम
जहाँ डर है, वहाँ बेख़ौफ आवाज़ें उठाओ तुम
[Chorus]
295 की धारा नहीं है रास्ता रोका हुआ अभी
इज़हारी आज़ादी है दिल की, मत बनो तुम जज-सा कानून
कथनी-करनी में फर्क समझो, औरों की बातों में मत खोओ
क्यों मीडिया की आग में बोले नहीं हर सवाल का जवाब
[Outro]
जो बोले दिल से, वही सच की राह बनाता है
हर सवाल पर चिंगारी, हर आशा पर नया सवेरा लाता है