[Intro]
गाँव की धूप में, खेतों की कहानी
[Verse 1]
रामू बोला, आगया नया विचार,
हमारी किसान लॉबी, बनती ही शानदार।
चारपाई नीचे, पेड़ के नीचे है ठिकाना,
कहते हैं दोस्त: चाय किसकी फसल पर है भाला कामना।
[Pre-Chorus]
जो फसल सबसे अच्छी, वही देगा संदेश,
हमारी लॉबी में हो चाय और मज़ेदार विस्तार।
[Chorus]
हमारी लॉबी है यहाँ, काम भी साथ-साथ,
चाय और बातें नहीं, चलता है हर खतरे के साथ।
बादल आये, पानी रोके नहीं रुकता,
खेती की राह में अब सब साथी जुटते हैं साथ।
[Verse 2]
पप्पू का ट्रैक्टर, रोशनी बन जाए ночью,
मुर्गे सुबह उठते, गप्पें भूल जाएँ जब हाथ लगे।
कालू हँसा: रात को सोना मुश्किल है,
पर बारिश आई तो समझो, काम की ही फसल मिलेगी चढ़कर।
[Pre-Chorus]
जो लाया है ट्रैक्टर, वही देगा दिशा,
लॉबी की उजाला में खरी herramientas अदाकारी।
[Chorus]
हमारी लॉबी है यहाँ, काम भी साथ-साथ,
चाय और बातें नहीं, चलता है हर खतरे के साथ।
बादल छाए हैं, पर हिम्मत है साथ,
खेतों की प्यास बुझाने की तैयारी है साथ।
[Bridge]
बारिश आई तो दायित्व बनते हैं सच्चे,
नाली, पानी का रास्ता सब मिलकर साफ़ करें।
[Chorus]
हमारी लॉबी है यहाँ, काम भी साथ-साथ,
चाय और बातें नहीं, चलता है हर खतरे के साथ।
खुशियाँ नहीं बसीं यहाँ सिर्फ़ لعب-वालों के साथ,
जब पानी गया बाहर, तो लॉबी ने किया असर साफ़–साफ़।
[Outro]
हमारी लॉबी सच में काम की निकली,
यहाँ सिर्फ़ चाय नहीं, मेहनत की कहानी बोलती।