[Intro]
क़लम भी थक कर डगमगाती है, पर सफ़र चलता है
रास्तों के धुँधलके में उम्मीद नई जगती है
[Verse 1]
मेहनत की धूप में मैं कदम गिनता रहा
हार न मानकर रात-भर मेहनत करता रहा
ख्वाब जो थे छोटे, अब रास्ते बड़े दिखते हैं
जागते हुए भी नींद मेरी अब भी साथ देती है
[Pre-Chorus]
जब भी हार सा महसूस हो, मुझे आवाज़ मिलती है
हर नामुमकिन सी राह पर, मेरा दिल चहक उठती है
[Chorus]
मैं उठता हूँ फिर से, भरोसे के साथ कठिन राह पर
जिम्मेदारियाँ बढ़ें, रोशनी कम पड़े पर
मेरी हिम्मत कहती है, आगे बढ़ते जाओ
ये पद नहीं, मौक़ा है, मैं निभा दूँगा
[Verse 2]
समय ने सिखाया, संतुलन भी एक कला है
कर्म ही मेरा संदेश, हर दिन नया अर्थ है
परिवार, दोस्तों और साथियों का वजन साथ लेता
हर कदम पर मुझे संभालना, यही जिम्मेदारी याद दिलाता
[Pre-Chorus]
जब दिल डूबने लगे, भीतर से आवाज़ उठती है
कदम थमे नहीं, मेहनत हर तकलीफ पर विजय पाती है
[Chorus]
मैं उठता हूँ फिर से, भरोसे के साथ कठिन राह पर
जिम्मेदारियाँ बढ़ें, रोशनी कम पड़े पर
मेरी हिम्मत कहती है, आगे बढ़ते जाओ
ये पद नहीं, मौक़ा है, मैं निभा दूँगा
[Bridge]
सारथी बनते हैं अनुभव, भारी बोझ कभी न टूटे
जोश और विवेक का संतुलन, हर Verdict पर जूटे
[Chorus]
मैं उठता हूँ फिर से, भरोसे के साथ कठिन राह पर
जिम्मेदारियाँ बढ़ें, रोशनी कम पड़े पर
मेरी हिम्मत कहती है, आगे बढ़ते जाओ
ये पद नहीं, मौक़ा है, मैं निभा दूँगा
[Outro]
कड़ी मेहनत की इन पंक्तियों के साथ, मैं संभालूँगा सब
क्योंकि सपनों की क़दर है, और आज मैं बना एक मजबूत जुड़