यो सुण ले रे लाडले
हवा में उड़ण की आदत ना राखै,
ज़मीन पे ल्याणा हम नै अच्छी तरह आवे
सिंह आली बीट, अर हरियाणे का रौब स
घाम में तपे सां, काचे नी काटदे,
ऐटीट्यूड तेरा एक मिनट में छांटदे!
सुण ले रे छोरे, बेफालतू ढोंग नी सहं दे,
एकै ही झटके में ईगो नै टांग दे!
घणा ना अकड़, हम ईगो के किलर सा
तेरे जेसे घणे हमनै ठा के बिठाए है
देशी सै ठाठ अर देशी सै बोली र,
ज़मीन ते जुड़े, पर आसमान हिलाए हैं!
न्यारा सा रौब अर न्यारी सै चाल,
गद्दी पे बैठे तौ बदलें माहौल!
सीधा सा बंदा तू समझें ना हल्का,
बात जो छेड़ेगा तौ होवैगा रोला!
गाडियां के काफिले, छाती में दम स,
मेहनत का खावां, ना किसी ते कम सां!
शौंक सै कड़े अर नीयत सै साफ,
ईगो जो दिखाए, करां सीधा हिसाब!
साम्हणे तू आके ज़रा आँख तौ मिला ले,
फालतू की हवा तेरी मिंट में निकालें!
नाम चाले शहर में, काम चाले तगड़ा,
हमसे ना लेवे कोई फालतू का झगड़ा!
घाम में तपे सां, काचे नी काटदे,
ऐटीट्यूड तेरा एक मिनट में छांटदे!
सुण ले रे छोरे, बेफालतू ढोंग नी सहं दे,
एकै ही झटके में ईगो नै टांग दे!
घणा ना अकड़, हम ईगो के किलर सा
तेरे जेसे घणे हमनै ठा के बिठाए है
देशी सै ठाठ अर देशी सै बोली र,
ज़मीन ते जुड़े, पर आसमान हिलाए हैं
अरे बातां ते नी, हम कामां ते बोले,
ज़िंदगी में हमनै कदे पासे नी तोले!
जेहड़े बणदे सी तीस मार खां,
ओह भी साह्म्णे आके आँख ना खोलदे!
पीछे नी हटने का, राह अपनी आप बनावैं,
ईगो को तोड़ के औकात दिखावैं!
ना कोई चापलूसी, ना कोई डर स,
सिर पे सै हाथ रब का, छाती चौड़ी कर निकला घर ते!
निकला घर ते!
घाम में तपे सां, काचे नी काटदे,
ऐटीट्यूड तेरा एक मिनट में छांटदे!
सुण ले रे छोरे, बेफालतू ढोंग नी सहंदे,
एकै ही झटके में ईगो नै टागदे!
घणा ना अकड़, हम ईगो के किलर सा
तेरे जेसे घणे हमनै ठा के बिठाए है
देशी सै ठाठ अर देशी सै बोली र,
ज़मीन ते जुड़े, पर आसमान हिलाए हैं
ईगो किलर...
देशी वाइब, पुरा ठाठ!
याद राखिए नाम
लोहा खेड़ा आला दिखादे का तेरी औकात, शैरी ईगो किलर...ईगो किलर...