[Intro]
शहर की रोशनी, धड़कनों के साथ
[Verse 1]
भीड़-भाड़ वाले शहर में एक खोई गिलहरी
रास्तों की ध्वनि उसे डरा देती है, सांस थाम लेती है
[Verse 2]
एक कलात्मक युवा संगीतकार उसे सामने देखा
गिटार की धुन से गिलहरी के दिल में शांति उतर आई
उसने कहा, चलो धुन बनाएं
[Chorus]
मेरी धुन, तेरी पहचान
तू नन्हा सूरज, मैं हूँ दिन की धुन
चलो साथ गुनगुनाएं, शहर को रंग दें
[Chorus]
मेरी धुन, तेरी पहचान
तू नन्हा सूरज, मैं हूँ दिन की धुन
चलो साथ गुनगुनाएं, शहर को रंग दें
[Outro]
शहर की धड़कनों में कहानी फिर से बुन दी