[Intro]
रात के पन्नों में किताबों की महक है,
एक उड़ती बिल्ली कहानी में आती है.
[Verse 1]
एक जिज्ञासु बच्चा ढूंढता किताबों के ढेर में,
उड़ती बिल्ली के बच्चे की आहट पाता है,
वे मिलकर खोए खिलौनों की राह देखते हैं,
हवा में उम्मीद, दिल में हंसी पाते हैं.
[Chorus]
चलो उड़ चलें, उड़ चलें,
खिलौनों की खोई झलक पाएँ साथ-साथ,
हम दोस्त हैं, सपने सच हो जाएँ
[Verse 2]
पुरानी गंध रास्ता दिखाती है धीरे-धीरे,
वे कदम बढ़ाते हैं, पन्नों के साथ चलते हैं,
मिशन है साफ—खोए खिलौने वापस लाने का,
दोस्ती की चाबी अँधेरा भी चीर दे.
[Chorus]
चलो उड़ चलें, उड़ चलें,
खिलौनों की खोई झलक पाएँ साथ-साथ,
हम दोस्त हैं, सपने सच हो जाएँ
[Bridge]
अगर डर आए तो याद रखना साथ हैं हम,
हमारी हंसी रोशनी बनकर राह दिखाए।
[Outro]
घर लौटते वक्त पन्नों पर चाँदनी टिके,
यात्रा खत्म नहीं—कहानी फिर से शुरू होगी।