[Intro]
सूरज की पहली किरण, चूल्हे पर हल्की धुन सी चले
हाथों में जादू है आज, सुबह का स्वाद खिल उठे
[Verse 1]
आज की सुबह खास है, रसोई में तिलिस्म का अंश चालू
नमक-लहसुन की खुशबू से दिल की धड़कन तेज़ चाल पकड़े
कड़ाही में तेल की हल्की लहरें, मसालों की रंगीन सौगात बहे
मैं बेबाक़ चखता जाऊँ हर पल, जीवन की रेसिपी नई राह दिखाए
[Chorus]
बेबाक़ी से जीवन का स्वाद चखता हूँ
हर रेसिपी में नया सच संजोता हूँ
गंधों में दिल धड़के, सुबह गीतों-सा जवां हो
ये जादू मेरी राह है, यही सुबह मेरा विश्वास हो
[Verse 2]
चाय की पाक-परतों में बचपन की यादें झंकारें
पत्ता-पत्ती से बना रंग, हर डिश में उम्मीद की किरण जाए
हाथों की गति तेजी, वक्त को भी थाम ले चम्मच-सी
जीवन के हर पल को मीठा बना दूँ, जैसे हर ख्वाब सच बने
[Chorus]
बेबाक़ी से जीवन का स्वाद चखता हूँ
हर रेसिपी में नया सच संजोता हूँ
गंधों में दिल धड़के, सुबह गीतों-सा जवां हो
ये जादू मेरी राह है, यही सुबह मेरा विश्वास हो
[Bridge]
अगर कभी लौ धीमी लगे, अगर हवा रुक जाए
तो असल स्वाद लौटेगा मेरी मेहनत से ही आए
[Chorus]
बेबाक़ी से जीवन का स्वाद चखता हूँ
हर रेसिपी में नया सच संजोता हूँ
गंधों में दिल धड़के, सुबह गीतों-सा जवां हो
ये जादू मेरी राह है, यही सुबह मेरा विश्वास हो
[Outro]
यही कह रही सुबह, मैं फिर उठूँगा, बनाऊँगा नया स्वाद
जीवन का हर क्षण, रसोई में सजी रहे साथ