[Intro]
कहाँ ये कहानी चली आई, बंद कमरे की दूरी में
हर ईंट का हिसाब चुपचाप रहता है, दिल धड़के एक ही सुर में
[Verse 1]
अयान ने सोचा था सब आसान, मकान नया, दाम था भी कम
लेकिन आखिरी कमरा था जादू-सा, चाबी हो तो ख्वाब पाएँ अच्छे दिन
ताले पर लिखी थी एक चेतावनी, “यह हरपल तुम्हारा नहीं, संभल कर रखना”
तीसरे दिन तक सब ठीक था, आवाज़ों ने निहित किनारा पाया
[Pre-Chorus]
पर चौथी रात आई, एक रोने की आवाज़ आई सामने
किशोर-सी आहट, बेटे या बेटी की तरह असहाय ख्वाहिशें तन्ही
[Chorus]
चाभी घुमाई, दरवाज़ा खोला, डर ने पकड़ लिया कदम
आईना बोला कुछ भी आवाज़ नहीं, सिर्फ एक अजनबी मुस्कान
तस्वीर नहीं, चेहरे में धुंधला वादा, कुछ था गलत फिर भी
यह ड्राइंग-सी सच्चाई, दिल के पिछले दरवाज़े खोले
[Verse 2]
कमरा था खाली, सिवाय सामने दीवार पर बड़े आईने के
अयान का चेहरा गायब, वहाँ खड़ा था एक अजनबी आदमी
मुस्कान हल्की, पर आँखों में खो गया सब कुछ
क्यों आया था यह जगह, कौन था वह जो देख रहा था
[Pre-Chorus]
मासूम आवाज़ कहाँ जा छुपी, जब काँच में आया अजनबी समय
कह रहा है कुछ कहना, लेकिन शब्द नहीं मिल रहे हैं
[Chorus]
चाभी घुमाई, दरवाज़ा खोला, डर ने पकड़ लिया कदम
आईना बोला कुछ भी आवाज़ नहीं, सिर्फ एक अजनबी मुस्कान
तस्वीर नहीं, चेहरे में धुंधला वादा, कुछ था गलत फिर भी
यह ड्राइंग-सी सच्चाई, दिल के पिछले दरवाज़े खोले
[Bridge]
क्या सच में था कुछ भी बाहर, जब सब कुछ भीतर रहा खाली
खोया-सा महसूस हुआ वजूद, आईना पढ़ रहा था कहानी
[Chorus]
चाभी घुमाई, दरवाज़ा खोला, डर ने पकड़ लिया कदम
आईना बोला कुछ भी आवाज़ नहीं, सिर्फ एक अजनबी मुस्कान
तस्वीर नहीं, चेहरे में धुंधला वादा, कुछ था गलत फिर भी
यह ड्राइंग-सी सच्चाई, दिल के पिछले दरवाज़े खोले
[Outro]
अब रोकना चाहूँ मैं आवाज़,पर कहानी यूँ ही चलती जाती है
जब आखिरी कमरा खुलता है, तो अतीत के रोएँ फिर से जागते हैं
कहानी वहीँ खाली आईने के साथ, और हम पीछे देखते रहते हैं