[Verse 1]
इस भीड़ में मैं टूटा-सा खड़ा हूँ, हर चेहरे पर जैसे एक तस्वीर धुंधली
किलकारीयों की बदली चुभती, मैं खुद से ही दूर एक साख पर खड़ा
खोए हुए सपनों के शहर में मैं जी रहा हूँ, रौशनी कहाँ चली गई बादलों के पीछे
तन्हाई की तरह साँसों में दर्द, फिर भी दिल कहता है तुम ही हो पास
[Chorus]
तुम्हारी यादों का रास्ता है मेरी दिशा, पर तूफ़ान भी धुआँ बनकर बढ़ता है
मैं इस भीड़ के बीच भी तुम्हारा नाम ही सुनता हूँ, और चुपचाप जीता हूँ
मुझे दिखा दे वही आँचल जहाँ से फिर से उम्मीद की फसल उगती है
तुम यहाँ नहीं, फिर भी तुम वहीं, मेरे होने की तलाश में टिकती है
[Verse 2]
हर चेहरा एक पन्ना सा, पर मैं अपनी कहानी नहीं पढ़ पाता
खोए हुए सपनों के पन्ने हवा में उड़े, फिर भी वे धरोहर बनते जाते
याद की बारिश में भीगते दिल को सिर्फ़ तुम्हारी आवाज़ बचाती है
तन्हाई की सड़क पर अकेला हूँ, पर तस्वीरें तुम्हारी जीती जाती हैं
[Chorus]
तुम्हारी यादों का रास्ता है मेरी दिशा, पर तूफ़ान भी धुआँ बनकर बढ़ता है
मैं इस भीड़ के बीच भी तुम्हारा नाम ही सुनता हूँ, और चुपचाप जीता हूँ
मुझे दिखा दे वही आँचल जहाँ से फिर से उम्मीद की फसल उगती है
तुम यहाँ नहीं, फिर भी तुम वहीं, मेरे होने की तलाश में टिकती है
[Bridge]
अगर वक्त की लकीर लौट सके, तो मैं तुम्हें रोकना चाहूँगा
पर गुलाबों के गिरते पंख, बतलाते हैं कुछ और ही रास्ते
तोड़े हुए सपनों के बीच भी, एक आस फिर उगती है तुम तक पहुँचने की
[Chorus]
तुम्हारी यादों का रास्ता है मेरी दिशा, पर तूफ़ान भी धुआँ बनकर बढ़ता है
मैं इस भीड़ के बीच भी तुम्हारा नाम ही सुनता हूँ, और चुपचाप जीता हूँ
मुझे दिखा दे वही आँचल जहाँ से फिर से उम्मीद की फसल उगती है
तुम यहाँ नहीं, फिर भी तुम वहीं, मेरे होने की तलाश में टिकती है
[Outro]
तभी एक हलकी आहट सुनाई दे, जैसे तुम्हारी आवाज़ पास आई
मैं भीड़ में एक जगह थमकर तुम्हें देखने लगा, और आत्मा धीरे से उजागर हुई
तुम मेरे भीतर रहते हो, बस नजरों के सामने इशारा-सा बाकी है